NIECE & NEPHEW
" थोड़े है चालक, थोड़े है नादान ! ऐसे है मेरे, VRUTTI और HIYAN !!
" मासूम सा चहेरा और हसते हुऐ लब ये है लाजवाब बचपन जिसमे खुशनुमा है हर पल "
" बचपन का बस इतना फ़साना है.... आखो की चमक और होठो की मुस्कान का कायल ज़माना है "
मासूम सोनल कोमल कली,
फूलो सी हसी बातो में खिली
टूटी फूटी सी तोतली भाषा
मन में जगती आश
छू कर उसे हर थकन मिट जाती,
क्या बताऊ कैसे स्नेह छलकती,
परियो की दुनिया से आई " वृत्ति ",
हमारा जहान है।
" PRINCESS VRUTTI "
मम्मा की आँख का तारा पापा का बड़ा दुलारा
जिसको हसता देख,हसता है परिवार सारा
जब हो मूड उसका वो, अपनी मस्ती में बेहता है
पता नहीं कैसे तरह तरह की आवाज निकल लेता है
दिल खुस हो जाता है,जब वो अंकल कहता है
अरदास है खुदा से मेरी, तुजे हरदम सबका प्यार मिले
खुसिया तो मिलती है सबको,तुजे खुसियो का संसार मिले।
" PRINCE HIYAN "
इंतजार उस पहली जलक का ,
गुलाबी रंग होगा उसकी पलक का,
दिखने में तो वो परी ही होगी,
पर ठिकाना नहीं मेरी तलब का
वो बिलकुल अपनी माँ की परछाई होगी,
पिता के प्रेम की हद गहराई होगी,
दादा दादी के आशीर्वाद से जन्मी,
मेरी भांजी खुद खुदा ने बनाई होगी।
दुनिया की सारी खुशिया में तुजपे वारता हु,
एक नजर देख लू तुजे,फिर तेरी हर नजर उतरता हु।
" PRINCESS VRUTTI "
बेफिक्र, बेपरवाह, मदमस्त, अल्हड सा है,
नादान, नासमझ, नटखट सा है,
उसके खिलते चहरे को देखकर सबके चेहरे खिल जाते है,
चंचलता और मासूमियत की बेजोड़ मूरत है।
" PRINCE HIYAN "
उसकी एक ' किलकारी '
जीवन को जगाये रखती है
उसकी एक ' झलकारी '
आँगन को सजाये रखती है।
एक तुम्हारे होने से ऐसा लगता है
खुदा का हम से भी कोई नाता है।
हमने तो यु ही ख़ाहिश कर ली थी... !!
और आपने इतनी हसीन वजह दे दी.... !!
" PRINCESS VRUTTI "
तू है सबका सहारा।
माँ का प्यारा ,
तू है भतीजा हमारा।
घर का सूनापन मिटाया,
हमको फिर से बच्चा बनाया।
उधम पुरे घर में फैलाया,
फिर घर को सिर पे उठाया।
आपने आगे पीछे भी घुमाया,
ऐसा ही है प्रिंस हमारा,
हम सब का सबसे प्यारा,
" PRINCE HIYAN "
" मासूम सा चहेरा और हसते हुऐ लब ये है लाजवाब बचपन जिसमे खुशनुमा है हर पल "
" बचपन का बस इतना फ़साना है.... आखो की चमक और होठो की मुस्कान का कायल ज़माना है "
मासूम सोनल कोमल कली,
फूलो सी हसी बातो में खिली
टूटी फूटी सी तोतली भाषा
मन में जगती आश
छू कर उसे हर थकन मिट जाती,
क्या बताऊ कैसे स्नेह छलकती,
परियो की दुनिया से आई " वृत्ति ",
हमारा जहान है।
" PRINCESS VRUTTI "
मम्मा की आँख का तारा पापा का बड़ा दुलारा
जिसको हसता देख,हसता है परिवार सारा
जब हो मूड उसका वो, अपनी मस्ती में बेहता है
पता नहीं कैसे तरह तरह की आवाज निकल लेता है
दिल खुस हो जाता है,जब वो अंकल कहता है
अरदास है खुदा से मेरी, तुजे हरदम सबका प्यार मिले
खुसिया तो मिलती है सबको,तुजे खुसियो का संसार मिले।
" PRINCE HIYAN "
इंतजार उस पहली जलक का ,
गुलाबी रंग होगा उसकी पलक का,
दिखने में तो वो परी ही होगी,
पर ठिकाना नहीं मेरी तलब का
वो बिलकुल अपनी माँ की परछाई होगी,
पिता के प्रेम की हद गहराई होगी,
दादा दादी के आशीर्वाद से जन्मी,
मेरी भांजी खुद खुदा ने बनाई होगी।
दुनिया की सारी खुशिया में तुजपे वारता हु,
एक नजर देख लू तुजे,फिर तेरी हर नजर उतरता हु।
" PRINCESS VRUTTI "
बेफिक्र, बेपरवाह, मदमस्त, अल्हड सा है,
नादान, नासमझ, नटखट सा है,
उसके खिलते चहरे को देखकर सबके चेहरे खिल जाते है,
चंचलता और मासूमियत की बेजोड़ मूरत है।
" PRINCE HIYAN "
उसकी एक ' किलकारी '
जीवन को जगाये रखती है
उसकी एक ' झलकारी '
आँगन को सजाये रखती है।
एक तुम्हारे होने से ऐसा लगता है
खुदा का हम से भी कोई नाता है।
हमने तो यु ही ख़ाहिश कर ली थी... !!
और आपने इतनी हसीन वजह दे दी.... !!
" PRINCESS VRUTTI "
तू है सबका सहारा।
माँ का प्यारा ,
तू है भतीजा हमारा।
घर का सूनापन मिटाया,
हमको फिर से बच्चा बनाया।
उधम पुरे घर में फैलाया,
फिर घर को सिर पे उठाया।
आपने आगे पीछे भी घुमाया,
ऐसा ही है प्रिंस हमारा,
हम सब का सबसे प्यारा,
" PRINCE HIYAN "







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